सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास संपन्न, त्रिवेणी घाट में लाखों की संख्या में श्रद्धालु

ऋषिकेश, देहरादून
चार दिवसीय आस्था के महापर्व छठ का आज मंगलवार को उदयाचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही समापन हो गया.

छठ व्रतियों ने सुबह की पहली किरणों में त्रिवेणी घाट पर दूध, जल और मौसमी फलों से सूर्य देव को नमन किया, जिसके बाद 36 घंटे से चला आ रहा निर्जला उपवास तोड़ा गया…सबसे पहले व्रतियों ने घी मिश्रित चाय का सेवन किया….जो इस कठिन तप के समापन की परंपरा का प्रतीक है… छठ व्रत को अत्यंत कठिन तप माना जाता है… जिसमें शुद्धता, संयम और भक्ति का अनुपम संगम होता है…छठ व्रति 36 घंटे तक निर्जला उपवास को आज तोड़ने के साथ अन्न ग्रहण करती हैं.

इस दौरान त्रिवेणी घाट में लाखों संख्या में श्रद्धालु नजर आए…चारों तरफ लाइटों से जगमग करता घाट,हर तरफ छठ माता बजते गीत और ढोल नगाड़ों के साथ पटाखों का शोर, कई लोग बहते पानी में खड़े होकर सेल्फी लेते नजर आए…उन्होंने छठ पूजा के पलों को कैमरे में कैद किया और यादों की संदूक में संजो लिया.




