उत्तरकाशी के गाजणा क्षेत्र में आज भी बची है 400 साल पुरानी धरोहर

उत्तरकाशी
उत्तराखंड का सीमांत जिला उत्तरकाशी के डुण्डा विकास खंड के गाजणा क्षेत्र के सोड गांव में आज भी चार सो साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित है……

राजशाही के दोरान गांव के समृद्ध परिवार अपनी खेती से प्राप्त फसलों कीमती आभूषणों पर सब्जियों को सुरक्षित रखने के लिए इस कोठार का उपयोग किया करते थे….. जिस प्रकार आज के समय में फ्रीज का प्रयोग किया जाता है…. उसी की तर्ज पर लगभग चार सो सालों पहले से अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है.

पहले यह कोठार जिले के सभी क्षेत्रों में दिखाई देते थे पर आधुनिकता की चकाचौंध में अब यह लगभग विलुप्त होने की कगार पर है…. पर सोड गांव के भण्डारी परिवार ने अपने पूर्वजों की इस धरोहर को आज भी संजोकर रखा हुआ है…. भण्डारी परिवार के लोगों का कहना है कि वह आज भी ठीक उसी तर्ज पर इसका इस्तेमाल करते हैं जैसे उनके पूर्वजों ने किया है….वे अपनी आनेवाली पीढ़ी को भी वह इसे सुरक्षित रखने के लिए प्रेरित करेंगे फिलहाल इस कोठार को देखने के लिए क्षेत्र के स्कूलों के छात्र छात्राएं और संस्कृतिक धरोहर से लगाव रखने वाले लोग बड़ी मात्रा में यहां आते हैं …





