हजारों श्रद्धालुओं ने किए मां नंदा-सुनंदा के दर्शन, मां के दर्शन के लिए लगी रही भीड़

नैनीताल
कुमाऊँ की कुलदेवी मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों की आज नैनीताल के नयना देवी मंदिर में मंदिर में विधी विधान और पारंपरीक रिती रिवाजो के साथ प्राण प्रतिस्ठा करने के साथ ही कुमाऊँ की कुल देवी मां नंदा-सुनंदा अपने ससुराल से आज अपने मायके यानी कुमाऊँ की धरती पर पधार गईं हैं… नैनीताल के मां नयना देवी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं को भक्तों के दर्शनों के लिये खोल दिया गया…सुबह से नैनीताल के माता की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लेने के लिए नयना देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट रही है.

मां नंदा-सुनंदा को कुमाऊं में कुल देवी के रूप में पूजा जाता है… चंद राजाओं के दौर में मां नंदा-सुनंदा को कुल देवी के रूप में चंद राजा पूजा करते थे और अब संपूर्ण कुमाऊं क्षेत्र के लोग मां नंदा-सुनंदा को कुल देवी के रूप में पूजते हैं… ऐसा माना जाता है कि मां नंदा और सुनंदा साल में एक बार अपने मायके यानी कुमाऊं में आती हैं और यही कारण है कि अष्टमी के दिन यानी आज कुमाऊं के कई स्थानों पर मां नंदा और सुनंदा की प्रतिमा तैयार कर प्राण प्रतिष्ठा के बाद समझा जाता है कि मां नंदा-सुनंदा अपने मायके पहुंच गई हैं… मां नंदा-सुनंदा की अगले तीन दिनों तक कुमाऊं के लोग उपासना करेंगे और 5 सितंबर को भव्य डोला भ्रमण के बाद मां नंदा-सुनंदा को उनके ससुराल के लिए विदा कर दिया जाएगा.
