बद्रीनाथ में मास्टर प्लान और प्राधिकरण की नीति का विरोध जारी, कहा- स्थानीय लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा

चमोली
बद्रीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान और प्राधिकरण की नीति और फैसले के खिलाफ स्थानीय जन समुदाय का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है….स्थानीय लोगों, होटल कारोबारी, व्यापारी वर्ग और पंडा समाज ने आज दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रखा.

बद्रीश संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बदरी पुरी के सैकड़ों होटल कारोबारी, व्यापारी, पंडा समाज, स्थानीय समुदाय आया सड़कों पर प्रशासन और उत्तराखंड सरकार पर आरोप लगा रहे हैं…. उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ मास्टर प्लान की आड़ में स्थानीय लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है ….
स्थानीय लोगों की माने तो सभी नियम सिर्फ उन पर थोपने के लिए बने हैं… जबकि मास्टर प्लान जैसे बड़े निर्माण कार्य के लिए नियम कायदे नहीं बनाए गए हैं…..प्रदेश सरकार सहित सीएम धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के खिलाफ बद्रीनाथ साकेत तिराहे पर जबरदस्त नारेबाजी की गई ….आंदोलन कारियों का साफ कहना है कि बदरी पुरी में जब से ये प्राधिकरण बना है तभी से स्थानीय लोगों का होटल अपना भवन बनाना तक मुश्किल हो गया है…

नक्शे बनाने और पास करने में ही कई महीने बीत रहे हैं….. हर कदम पर नए नए नियमों को लगाकर उन्हें उत्पीड़ित किया जा रहा है…. बदरी पुरी के स्थानीय लोगों की माने तो मास्टर प्लान शुरू होने के बाद से ही प्रशासन ने स्थानीयों के साथ तालमेल बिठाने से किनारा कर लिया है…लिहाजा अब सभी फैसले एक तरफा हो रहे हैं.
